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बुधवार, 9 सितंबर 2020

परि की आत्मा और तीन दोस्तों की कहानी

स्वागत है  आज की एक नए और मजेदार कहानी में, आजकी कहानी का नाम है परि की आत्मा और तीन दोस्तों,

कैसे एक पारी की आत्मा जंगल में सबको परिसान करतीहै उसके बारेमे इसकहानी में आज जानेंगे।

परि की आत्मा और तीन दोस्तों की कहानी की शुरुआत



किसी एक जंगल में तीन नन्हे दोस्त हाथी ऊंट और हिरण रहा करतेथे, वो तीनों हमेशा मिलके एक साथ रहतेथे, और जोभी करतेथे तीनो मिलकर करतेथे,

एक दिन वो तीनो दोस्त हाथी ऊंट और हिरण खेलते हुए किसी और जंगल में पहुंच गए,

फिर हाती जो बहत डरपोक था उसने बोला दोस्तों ये हमारा जंगल नहीं है हमें अभी घर लौटजाना चाहिये,

उसकी बात सुनकर ऊंट ने बोला हमेंतो बस खेलने से मतलब है चाहे जंगल हमारा हो या नहीं क्या फर्क पड़ताहै,

फिर हाती ने बोला मैंने सुना है कि ये एक भूतिया जंगल है हमें यहां नहीं रुकना चाहिए,

लेकिन हाथी की बात को नजरअंदाज करके ऊंट और हिरण बहत मजेसे उस जंगल में खेलने लगे, और खेलते खेलते उनको पतानहीं चला कब साम होगईथी,

फिर शाम होने के बाद तीनों अपनी जंगल में जानेकी रास्ता ढूंढने लगते हैं, लेकिन अंधेरे की वजह से उन्हें हर रास्ता एक जैसा दीखताहै और घरकी रास्ता नहीं मिलती,

फिर हिरण बोला यहां तो सभी रास्ते एक जैसेहैं अब हम क्या करें कैसे हम अन्धेरे में घर जाए?

इसके जबाब में ऊंट ने बोला आज रात हम यहीं इस जंगल में रुक जातेहैं कल सुबह होतेहि घर वापस चलेजाएंगे,

ये सुनकर हाती घबराये हुए बोलने लगा हम पूरीरात इस जंगल में बिल्कुलभी नहीं रहसकते है, पूरी रात इस भूतिया जंगलमें नहीं रहना चाहिए दोस्तों यहाँ पे कुछभी होसकता है,

फिर ऊंट बोला भुत प्रेत कुछ नहीं होताहै तुमलोग खामोखां घबरा रहेहो,

परी की आत्मा ने किआ परिसान

उसकी आबाज ख़त्म नहीं हुई की एक पेड़ की पिछेसे आबाज आई किसने बोला भुत नहीं होती,

ये आवाज सुनते ही तीनो दोस्त तंग रहजातेहैं और चारो तरफ मुड़कर देखने लगतेहै, लेकिन वहां उनको कोईभी नजर नहीं आता,

फिर वो तीनो देखतेहै एक पेड़ बोलरहाहै पेड़ को बोलती देखके उनकी पसीना उतरने लगताहै और वो तीनो भागने लगतेहै,

लेकिन बोलता पेड़ उनका पीछा नहीं छोड़ता फिर हाती बोला ये भूतिया पेड़तो हमारे पीछे ही पड़ गयाहै, मुझे तो ये समझ ही नहीं आरहाहै कि पेड़ अपनी जगह से हिला कैसे?

फिर पेड़से आबाज आई ये पेड़ नहीं बोलरहाहै में उसके अन्दर बसी परी की आत्मा हूँ, ये आत्मा जो एक पेड़से दूसरे पेड़में जासकता था,

फिर वो आत्मा उन्हें औरभी परेशान करने लगतीहै और बचने केलिए वो तीनों इधर-उधर भागतेहैं, लेकिन आत्मा उनका पीछा नहीं छोड़ती,

बहुत देर तक इसी तरह भागते रहनेके बाद जब तीनो थक जातेहैं तो आराम करने केलिए एक पेड़ के नीचे बैठजातेहैं,

तभी वो पेड़ के ऊपरसे सूखे पत्तों और छोटी छोटी लकड़ी की बारिश करने लगता है,

फिर वो खुसी होकर बोलताहै बहत दिनों से अकेले समय बीतरहाथा आज तो मजा ही आगया,

फिर ऊंट बोलने लगताहै अगर तुम इतनी ही ताकतवर आत्मा हो तो पेड़के अंदर बैठ कर बातें क्यों कर रहीहो बाहर क्यों नहीं निकलती,

फिर हाती ऊंट को बोला क्या कररहेहो अगर वो सचमें बाहर आगएतो हमारे खेर नहीं,

ऊंट ने बोला कुछ नहीं होगा अगर इसे जान लेनी ही होती तो हमें इस तरह परेशान नहीं करती बाहर निकल कर सीधा मार देती,
इसलिए अब हमें इसे इसीके जालमें इसे फंसाकर हराना होगा फिर हिरण बोला वो कैसे?

ऊंट धीरेसे एक योजना अपने दोस्तों को बताता है जिसके बाद वो तीनों अलग-अलग दिशा में चले जातेहैं,

एक दिशा में हाथी हर पेड़को तोड़फोड़ करकर चलता है तो दूसरी दिशा में हिरण छोटे छोटे पेडोकी पत्तो को तोड़तेहुए चलता है,

तीसरे दिशा में ऊंट हर पेड़की उपरकी टहनीवो को तोड़तेहुए चल रहा होता है, तीनो दोस्त पूरे जंगल का चक्कर लगाकर थोड़ी देरमें वापस आजातेहैं,

फिर हाती बोला मुझे अपने पूरे रास्ते में कहींभी वो आत्मा नहीं मिली और हिरण भी बोला हाँ मुझे भी वो आत्मा कहिं दिखाई नाहि दी,

फिर ऊंट बोला इससे ये पक्का होगया कि वो आत्मा किसीको भी मारना नहीं चाहती नहींतो हमें अकेला देखकर वो जरूर हमला करती हमें उसके मन की बात को जानना ही होगा,

हाती बोला ये मतकरो हमें घर जानाहे दोस्तों जंगल में आग लगा देतेहैं इससे हमें जल्द घर जानेका रास्ता मिलजाएगा और आत्मासे भी छुटकारा मिलजाएगा,

तीनो दोस्तोंने दिलाई परिकी आत्मा को  की कहानी


ये बात सुनकर परिकी आत्मा अचानकसे बोलने लगी आरे नहीं नहीं जंगलमे आग मत लगाओ,

फिर आत्मा की बात सुनकर ऊंट ने बोला तो ठीकहै एक शर्त पर में आग नहीं लगाउंगी, तुम्हें बताना होगा कि तुम कौनहो और यहां क्या कररहीहो?

फिर वो आत्मा बोला मैं एक परी हूं और बहुत समय पहले मैं इस जंगलमे सभी जानवरों के साथ ही रहा करतीथी,

लेकिन एक दिन जंगल में भयानक आग लगगई और उसकी चपेट में आकर मेरे और जंगल के कुछ जानवरों की मृत्यु हो गई,

क्योंकि मुझे पेड़ और हरियाली बहुत पसंद है इसीलिए मैंने पेड़ों के अंदर रहना पसंद करती हूं,

फिर हाती उसको पूछा क्या तुम हमेशा यहीं रहोगी?

तीनो दोस्तों ने दिलाई परिकी आत्मा को मुक्ति


जबाब में परिकी आत्मा ने बोला मुझे मुक्ति मिल सकती है लेकिन वो मुझे तभी मिलेगी जब मैं मेरे घर के पास पहुँच जाउंगी,

लेकिन मुझेवो जगह नहीं मिलरहीहै, फिर हिरण पूछा तुम्हारी घर के आस-पास की कोई खासियत बता सकती हो?

जबाब में परी की आत्मा बोली मेरे घरके पास एक छोटासा तालाब था और मैंने उसे ढूंढने की बहत कोशिश की लेकिन वो तालाब में ढूंढ नहींपाई,

फिर अगलेदिन तीनो दोस्त तालाब ढूंढ़ने निकल जातेहैं और  पेड़से बाहर निकलकर उनके साथ वो परी की आत्मा भी चलने लगती है,

दिनभर पूरे जंगल में भटकने के बाद उन्हें जंगल की एक कोने में एक गाढ़ा नजर आता है, फिर तीनो उस गाढ़ा के पास चलने लगते है,

फिर ऊंट बोला हमने पूरा जंगल देखलिया लेकिन ऐसा गाढ़ा सिर्फ एक ही जगह दिखाई दिया है मुझे लगता है ये वही तालाब है जो सूख जानेकी वजहसे परी की आत्मा को कभी नहीं मिला,

फिर परी वहां इधर उधर देखने लगती है और वापस अपने घर पहुंचकर बहत खुश होतीहै,

फिर वो तालाब के पास एक पेड़ में जा कर बैठती है और उन तीनों दोस्तों को धन्यवाद बोलकर गायब हो जाती है,

तीनो दोस्तों की मदद से परी की आत्मा को मुक्ति मिलने की बजेसे वो तीनो बहत खुसी होकर आपनी घर चले जातेहै,  click to read more...